पवित्र प्रतिरक्षा सप्ताह के उपलक्ष्य में जनरल सलामी ने मंगलवार की सुबह संसद में स्पीच देते हुए कहा कि अमरीका थका हुआ है और पीछे हट रहा है मगर बड़ी शक्तियां अपने विनाश के समय भी ख़तरनाक होती हैं।
जनरल सलामी ने कहा कि हम बड़ी शक्तियों के बीच बर्बादी की होड़ का नज़ारा देख रहे हैं।
जनरल सलामी ने कहा कि अमरीका अपने पतन के क़रीब पहुंच चुका है और बड़ी व्यापक बीमारी में फंस गया है जिसका इलाज उसके पास नहीं है। उन्होंने कहा कि इस समय अमरीका में 3 करोड़ लोग भुखमरी का शिकार हैं और अमरीका छोटे छोटे देशों का इस्राईल से समझौता करवा रहा है ताकि यह ज़ाहिर करे कि अभी अमरीका में जान बाक़ी है।
जनरल सलामी ने कहा कि अब तो अमरीका के भीतर भी अमरीका मुर्दाबाद के नारे लगने लगे हैं।
जनरल सलामी का कहना था कि देश को एक आर्थिक युद्ध का सामना है लेकिन यह भी सच्चाई है कि हमारे दुशमन भी गंभीर आर्थिक संकट में फंस गए हैं।
आईआरजीसी के कमांडर इनचीफ़ ने कहा कि हम दुशमन को परास्त करने की शक्ति अपने अंदर पैदा कर चुके हैं और कई अवसरों पर हमने दुशमन को मात भी दी है। उन्होंने कहा कि युद्ध की संभावना नहीं है दुशमन इस समय केवल आर्थिक और मनोवैज्ञानिक युद्ध को आगे बढ़ा रहा है और हमें इस युद्ध में दिन रात काम करने की ज़रूरत है।
जनरल सलामी ने कहा कि दुशमन के पास हमारी समस्याओं के समाधान की क्षमता है न नीयत है हम दुशमन से सहयोग करके देश का भाग्य नहीं संवार सकते। उन्होंने कहा कि हम अमरीका से समझौता कर लें तब भी वह हम पर वार ज़रूर करेगा।
जनरल सलामी ने कहा कि आज की दुनिया में दो ही रास्ते हैं या तो ताक़तवर बनिए वरना कमज़ोर बनकर रहना है तो आत्म समर्पण के लिए हमेशा तैयार रहिए।